physics-12th chapter-2 स्थिर वैद्युत विभव और धारित

 

physics-12th chapter-2 स्थिर वैद्युत विभव और धारित

स्थिर वैद्युत विभव और धारित

यदि 100V तक आवेशित करने पर एक संधारित्र की संचित ऊर्जा 1J हो तो संधारित्र कि धारिता होगी
(a)2x104F
(b)2x10-4F
(c)2x102F
(d)2x10-2F
Ans-(b)

1μF धारिता के दो संधारित्र समांतर क्रम में जुड़े हैं उनके श्रेणी में 0.5μF का एक तीसरा संधारित्र जुड़ा है यदि
(a)16μF
(b)12μF
(c)10μF
(d)0.4μF
Ans-(d)

यदि शिशे की पट्टी को वायु संधारित्र की प्लेटों के बीच खिसकाया जाए तो इसकी धारिता
(a)बढ़ेगी
(b)घटेगी
(c)स्थिर रहेगी
(d)शून्य होगी
Ans-(a)

2μF तथा 4μF के दो संधारित्र श्रेणीबध्द है इस संयोजन के सिरों पर 1200 V का विभवांतर आरोपित किया गया है 2μF वाले संधारित्र पर विभवांतर है
(a)400V
(b)600V
(c)800V
(d)900V
Ans-(c)

विद्युत धारिता का मात्रक होता है
(a) वोल्ट
(b)न्यूटन
(c)फैराड
(d)एम्पीयर
Ans-(c)

वायु में गोलीय चालक की धारिता अनुक्रमानुपाती होती है
(a)गोले के द्रव्यमान के
(b)गोले की त्रिज्या
(c)गोले के आयतन के
(d)गोले के पृष्ठ क्षेत्रफल के
Ans-(b)

एक धात्विकगोले की धारिता 1.0μF है इसकी त्रिज्या होगी
(a)9 किलोमीटर
(b)10 मीटर
(c)1.11 मीटर
(d)1.11 सेमी
Ans-(a)

दो आवेशित वस्तुओं को जोड़ने पर उनके बीच विद्युत धारा प्रवाहित नहीं होती यदि उनके
(a)आवेश समान है
(b)धारिता समान है
(c)विभव समान है
(d)प्रतिरोध समान है
Ans-(c)

तीन संधारित्र जिनमें प्रत्येक की धारिता C है श्रेणीक्रम में जुड़े हैं उनकी तुल्य धारिता है
(a)3C
(b)3/C
(c)C/3
(d)1/3 C
Ans-(c)

संधारित्रों के समांतर संयोजन में जो राशि प्रत्येक संधारित्र के लिए समान रहती हैं वह है
(a) आवेश
(b)ऊर्जा
(c)धारिता
(d)विभवांतर
Ans-(d)

एक संधारित्र की धारिता निर्भर नहीं करती हैं
(a)प्लेटो की आकृति पर
(b)आकार पर
(c) आवेश पर
(d)बीच अंतराल
Ans-(c)

C धारिता के एक संधारित्र को V विभव तक आवेशित किया गया है इसे एक समरूप अनावेशित संधारित्र के समांतर क्रम में जाता है प्रत्येक संधारित्र पर नया आवेश होगा
(a)CV
(b)1/2 CV
(c)2CV
(d)1/4 CV
Ans-(b)

125 एक समान बूंदों में से प्रत्येक 50 V को विभव तक आवेशित किया गया है इन्हे जोड़कर नई बनी बून्द का विभव होगा
(a)50V
(b)250V
(c)500V
1250V
Ans-(d)

समान धारिता के तीन संधारित्रों को श्रेणी क्रम में जोड़ने पर तुल्य धारिता 6μF होती हैं यदि उन्हें समांतर क्रम जोरा जाए तो धारिता होगी
(a)18μF
(b)2μF
(c)54μF
(d)3μF
Ans-(c)

समान धारिता के N संधारित्रों को पहले समांतर क्रम तथा फिर श्रेणी क्रम में जोड़ा जाता है दोनों अवस्थाओं में तुल्य धारिता अनुपात है
(a)N:1
(b)N2:1
(c)1:N
(d)1:N2
Ans-(b)

C धारिता के संधारित्र को q आवेश देने पर उस पर संचित ऊर्जा U है यदि आवेश बढ़ा कर 2q कर दिया जाय तो संचित होगी
(a)2U
(b)1/2 U
(c)4U
(d)1/4 U
Ans-(c)

C1 = 2μF तथा C2=4μF के दो संधारित्रों को श्रेणीक्रम में जोड़ा जाता है और उनके सिरों के बीच 1200 वोल्ट का विभवांतर आरोपित किया जाता है 2μF वाले संधारित्र के सिरों के बीच का विभवांतर होगा
(a)400V
(b)600V
(c)800V
(d)900V
Ans-(c)

प्रभावी धारिता 5μF को प्राप्त करने के लिए सिर्फ 2μF के कम से कम कितने संधारित्र की आवश्यकता होगी
(a)4
(b)3
(c)5
(d)6
Ans-(a)

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